मुंबई, शुक्रवार: वैश्विक तनाव और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 1,300 अंकों से अधिक गिरकर 74,680.10 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,200 के नीचे फिसल गया।
गल्फ युद्ध का बाजार पर असर
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित गल्फ युद्ध की खबरों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया है।
हालांकि अमेरिका ने कुछ देशों को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की छूट (waiver) दी है, लेकिन इसके बावजूद तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। बढ़ती तेल कीमतों का सीधा असर आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट
शुक्रवार के कारोबार के दौरान:
- सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज्यादा गिरकर 74,680.10 तक पहुंच गया
- निफ्टी 50 फिसलकर 23,200 के नीचे आ गया
- अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए
बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया।
इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
भारी बिकवाली के माहौल के बीच भी कुछ कंपनियों के शेयरों ने मजबूती दिखाई। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में:
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
- भारती एयरटेल
- ट्रेंट
इन शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये बाजार के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहती है, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना दिया है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तेल की कीमतें ही बाजार की दिशा तय कर सकती हैं।